सेल्फी की वजह से AIIMS में दिमागी इलाज करवा रहे युवा

सेल्फी की वजह से AIIMS में दिमागी इलाज करवा रहे युवा

 

अगर आपका ज़्यादातर खाली वक्त सेल्फी लेने और उन्हें सोशल मीडिया में पोस्ट करने में बीतता है, तो आप ‘सेल्फीसाइड’ नाम के कम्पल्सिव डिसॉर्डर से पीड़ित हैं।यकीन नहीं होता न लेकिन ये सच है… युवाओं में तेज़ी से बढ़ती सेल्फी की सनक अब धीरे-धीरे इस खतरनाक बीमारी के रूप में बदलती जा रही है, जो आगे चलकर ‘ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसॉर्डर’ नाम की मानसिक बिमारी में तब्दील हो जाती है। पिछले कुछ समय में दिल्ली के एम्स में सेल्फीसाइड के तीन मामले सामने आये। इन युवाओं में हमेशा सुन्दर दिखने की एक सनक सी सवार रहती है और ये हमेशा सोशल मीडिया में दूसरों का ध्यान अपनी और खींचने की कोशिश में लगे रहते हैं।

 

 

डॉक्टर्स और साइकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि हर वक्त सेल्फी लेकर  सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले युवाओं में स्ट्रेस, एंकसाइटी,नींद न आना, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी, थकावट, सिरदर्द और अपने फोन के ऊपर जरूरत से ज्यादा निर्भरता जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। तो सेल्फी के दीवानों, ज़रा समय रहते संभल जाइये।

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